बिलासपुर में सांप्रदायिक तनाव: पथराव में थाना प्रभारी समेत 9 जवान घायल, 11 उपद्रवी गिरफ्तार, CCTV से हो रही पहचान
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला मुख्यालय में शनिवार की रात मामूली विवाद ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। तेलीपारा के खपरगंज इलाके में दो गुटों के बीच हुई मारपीट के बाद जमकर पथराव और तोड़फोड़ हुई। भीड़ को काबू करने पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया, जिसमें कोतवाली टीआई सहित 9 पुलिस कर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस मामले में पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिरयानी सेंटर से शुरू हुआ विवाद, फिर शहर में फैला
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत खपरगंज में एक बिरयानी सेंटर के पास से हुई। वहां कुछ युवकों के बीच छींटाकशी हुई और आरोप है कि हिंदू विरोधी धार्मिक टिप्पणी कर दी गई। इसी बात पर बहस बढ़ी और हाथापाई शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति घायल भी हुआ।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते खपरगंज में शुरू हुआ विवाद पूरे इलाके में फैल गया। भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पत्थर फेंक दिए।
11 गिरफ्तार, दोनों पक्षों पर एक्शन
तनाव बढ़ने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह खुद मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त बल बुलाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें 8 आरोपी एक पक्ष से और 3 आरोपी दूसरे पक्ष से बताए जा रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि ठाकुर रामसिंह, सोहेल खान सहित कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का साफ कहना है कि सिर्फ नाम आने से किसी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पूछताछ में मिले तथ्यों का मिलान करने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात, सोशल मीडिया पर नजर
हिंसा के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
वहीं साइबर सेल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट की जांच कर रहा है। पुलिस यह पता लगा रही है कि कहीं भ्रामक पोस्ट से माहौल तो नहीं बिगाड़ा जा रहा। एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के कोई भी वीडियो या पोस्ट शेयर न करें। अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस CCTV और डिजिटल एविडेंस के आधार पर पूरी चेन जोड़ने में लगी है।




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