बिलासपुर में बवाल धारा 144 लागू: दो पक्षों का विवाद बना हिंसा की वजह, पथराव-तोड़फोड़ के बाद पुलिस का लाठीचार्ज
बिलासपुर| बिलासपुर में शुक्रवार देर रात दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर फैली बात के बाद बड़ी संख्या में लोग सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके में पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। उपद्रव के दौरान कई वाहनों, दुकानों और घरों को नुकसान पहुंचाया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हुई। मामला सामने आने के बाद एक पक्ष के लोग खपरगंज पहुंचे, जहां कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। भीड़ बढ़ने के साथ ही माहौल तनावपूर्ण होता चला गया और स्थिति हाथापाई से पथराव तक पहुंच गई।
पुलिस पर भी हुआ हमला, TI घायल
हालात बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती गई। इस दौरान सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंचे सीएसपी गगन कुमार के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की जानकारी सामने आई। वहीं पथराव में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी के सिर में पत्थर लगने से चोट आई। एक आरक्षक समेत कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस ने पहले लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। बताया गया कि मौके पर आंसू गैस के गोले दागने में परेशानी होने पर कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ से भी भीड़ की ओर फेंका। इसके बावजूद काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
थाने के अंदर भी पहुंची भीड़
हंगामा बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग सिटी कोतवाली थाना परिसर में भी पहुंच गए। यहां लोगों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे लोग पथराव और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराने की कोशिश की।
दूसरे जिलों से बुलाया गया अतिरिक्त बल
भीड़ बढ़ने के बाद बिलासपुर पुलिस ने अतिरिक्त जवानों को मौके पर तैनात किया। इसके अलावा जांजगीर-चांपा और मुंगेली से भी पुलिस बल बुलाया गया। सीएएफ के जवानों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया। देर रात तक पुलिस लगातार इलाके में गश्त करती रही और लोगों को घर लौटने की अपील की गई।
हेलमेट पहनकर सड़क पर उतरे कलेक्टर और SSP
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हेलमेट पहनकर पुलिस बल के साथ संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च किया। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी। देर रात तक इलाके में बड़ी संख्या में जवान तैनात रहे।
CCTV और ड्रोन फुटेज से होगी पहचान
घटना के बाद पुलिस अब उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए इलाके में लगे CCTV कैमरों के साथ ड्रोन से बनाए गए वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने नामजद आरोपियों के अलावा अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में बलवा समेत गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस की कड़ी निगरानी
हिंसा के बाद मसानगंज, खपरगंज और सिटी कोतवाली चौक के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने क्षेत्र में निषेधात्मक आदेश लागू किए हैं। कलेक्टर और एसएसपी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सबूतों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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