छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बड़ा फेरबदल, कृष्ण राम मोहपात्रा बनेंगे नए चीफ जस्टिस; संजय अग्रवाल को राजस्थान की कमान

 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बड़ा फेरबदल, कृष्ण राम मोहपात्रा बनेंगे नए चीफ जस्टिस; संजय अग्रवाल को राजस्थान की कमान


बिलासपुर। 01 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाए जाने की सिफारिश की है। वहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी देने की अनुशंसा की गई है।

4 सितंबर को रिटायर होंगे मौजूदा चीफ जस्टिस

वर्तमान चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा 4 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की कमान जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को सौंपे जाने की सिफारिश की गई है। कॉलेजियम की इस अनुशंसा के साथ ही हाईकोर्ट में न्यायिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव का रास्ता साफ हुआ है।

कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल के अलावा गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कागजी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाए जाने की सिफारिश की है।

तीन नए जजों की नियुक्ति की भी अनुशंसा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए कॉलेजियम ने तीन न्यायिक अधिकारियों को जज बनाए जाने की सिफारिश भी की है। इनमें संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार के नाम शामिल हैं। इन नियुक्तियों के पूरा होने के बाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ सकती है।

दरअसल, हाल के दिनों में हाईकोर्ट में कई पद खाली हुए हैं। जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल अगस्त में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के रिटायर होने के बाद न्यायाधीशों की संख्या और कम हो जाएगी। वर्तमान स्थिति में हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस सहित 11 जज हैं।

कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा?

जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनका परिवार भी न्यायिक क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के तौर पर पंजीकरण कराया।

वकालत के दौरान उन्होंने सिविल, आपराधिक, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों में काम किया। करीब 26 वर्षों के कानूनी अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर पैरवी की। वे ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील भी रह चुके हैं।

कई महत्वपूर्ण कानूनों का अनुभव

जस्टिस मोहपात्रा को हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण, अभिभावक एवं आश्रित तथा किशोर न्याय कानून से जुड़े मामलों की भी जानकारी और अनुभव रहा है।

कॉलेजियम की सिफारिशों पर अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिलेगा। साथ ही जजों की नई नियुक्तियों और तबादलों से हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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